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बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में नया विवाद खड़ा कर दिया है। सांसद का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी केवल 32 साल पुराने पुराने केस के कारण नहीं हुई, बल्कि वह पटना के गर्ल्स हॉस्टल कांड को लेकर किए गए खुलासों और बयानबाजी की वजह से हुई।

पप्पू यादव को पटना के मंंदिरी आवास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सांसद ने अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वे पीड़ितों की आवाज़ उठाते रहे, इसी वजह से उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें IGIMS से PMCH में भर्ती कराया गया।

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस पर बयानबाजी

पिछले एक महीने से पप्पू यादव लगातार 6 जनवरी को हुई पटना गर्ल्स हॉस्टल घटना के बारे में खुलासे कर रहे थे। गिरफ्तारी 1995 के एक पुराने मामले में कोर्ट के आदेश पर 6 फरवरी को की गई। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा, “मैं ठीक नहीं हूं, मुझे नहीं पता मेरे साथ क्या होगा।”

चंद्रशेखर आजाद ने जताया समर्थन

उत्तर प्रदेश के आजाद समाज पार्टी अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पप्पू यादव का समर्थन करते हुए कहा कि यह कार्रवाई भय, दमन और बदले की राजनीति का उदाहरण है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि यह कानून का राज नहीं, बल्कि सत्ता का अहंकार है।

32 साल पुराने मकान मामले में गिरफ्तारी

मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उनके घर पहुंचे और उन्हें सीधे थाने ले जाने की कोशिश की। मामले की शुरुआत 1995 में हुई थी, जब पप्पू यादव ने पटना में एक मकान किराए पर लेकर पार्टी कार्यालय खोल दिया था। मकान मालिक ने आरोप लगाया कि उन्होंने मकान पर कब्जा कर लिया। इस एफआईआर के कारण उनकी जमानत भी टूट गई थी। पप्पू यादव की गिरफ्तारी और उनके आरोपों ने बिहार की राजनीति में नया बहस का मुद्दा खड़ा कर दिया है।

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