हरदोई ब्यूरो, सौरभ तिवारी हरदोई के साण्डी थाना क्षेत्र में सामने आए कथित लूट और मारपीट के मामले ने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि तीन युवकों ने मिलकर एक युवक को सड़क पर घेरकर बेरहमी से पीटा और उसकी जेब से करीब एक लाख रुपये लूट लिए। इस पूरी वारदात का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया। पीड़ित पवन कुमार निवासी हसनापुर गांव का कहना है कि वह 23 फरवरी की रात साण्डी तिराहे से अपने घर लौट रहा था। आरोप है कि आर.के. गेस्ट हाउस और चौधरियापुर मोड़ के बीच बिना नंबर प्लेट की कार से आए तीन लोगों ने उसकी बाइक रोक ली। इसके बाद दो युवकों ने उसे डंडों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वहीं तीसरा आरोपी मारपीट का वीडियो मोबाइल फोन से बनाता रहा। हमले के दौरान पीड़ित की एक जेब में रखे लगभग एक लाख रुपये लूट लिए गए, जबकि दूसरी जेब में मौजूद करीब 27 हजार रुपये बच गए। पीड़ित का आरोप है कि घटना की सूचना पुलिस को देने के बाद कार्रवाई में देरी की गई और लूट की एफआईआर दर्ज करने के बजाय उसे थाने में बैठाए रखा गया। सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित का ही शांति भंग में चालान कर दिया। वहीं मारपीट और लूट की घटना में शामिल बताए जा रहे दो आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद भी ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का कहना है कि वीडियो सबूत होने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके अलावा तीसरे आरोपी को थाने से ही बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की निष्पक्षता और कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी तो इलाके में अपराध का डर बढ़ सकता है। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जता रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब लूट और मारपीट का शिकार होने वाले व्यक्ति को ही सजा मिलेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी। हालांकि अभी तक लूट के आरोप और मारपीट की घटना को लेकर पूरी तरह स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन पर दबाव है कि वह इस घटना की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे। Post navigation अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट की रोक पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला Ballia News: होली से पहले बलिया में उज्ज्वला लाभार्थियों को तोहफा, DBT से भेजी गई सब्सिडी