Image Source Reporter

कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

कौशाम्बी जनपद में डायल 112 सेवा से जुड़े एक सिपाही पर शराब मंगाने और धमकी देने का आरोप लगने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इंटरनेट मीडिया पर एक ऑडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। वायरल ऑडियो में डायल 112 वाहन में तैनात सिपाही देवेंद्र सिंह कथित रूप से एक पेट्रोल पंप कर्मचारी से गाली-गलौज करते और जेल भेजने की धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। प्रकरण सामने आते ही पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपित सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया और मामले की जांच सदर क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंप दी है।

बताया जा रहा है कि यह मामला करारी थाना क्षेत्र के मुकीमपुर स्थित एक पेट्रोल पंप से जुड़ा है। पेट्रोल पंप कर्मचारी के अनुसार सिपाही देवेंद्र सिंह ने उसे फोन कर शराब की बोतल मंगाने के लिए कहा था। कर्मचारी का आरोप है कि जब उसने तुरंत फोन रिसीव नहीं किया तो सिपाही नाराज हो गए और दोबारा कॉल कर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। कर्मचारी का कहना है कि वह उस समय वाहन चला रहा था, इसलिए कॉल नहीं उठा सका। ऑडियो में कथित तौर पर कर्मचारी यह सफाई देता भी सुनाई दे रहा है कि वह ड्राइविंग कर रहा था और इसी वजह से फोन रिसीव नहीं कर पाया। वायरल ऑडियो में सिपाही द्वारा धमकी दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। कर्मचारी का आरोप है कि सिपाही ने उसे जेल भिजवाने की चेतावनी दी। हालांकि इस पूरे मामले में सिपाही देवेंद्र सिंह की ओर से भी सफाई दी गई है। उनका दावा है कि पहले पेट्रोल पंप कर्मचारी ने ही उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया था, जिसके बाद विवाद बढ़ा। सिपाही का कहना है कि वायरल ऑडियो को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच सदर सीओ को सौंपी गई है, जो सभी तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच करेंगे। एसपी ने कहा कि यदि जांच में कोई भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले आचरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डायल 112 सेवा आमजन की त्वरित सहायता के लिए शुरू की गई है। ऐसे में उससे जुड़े किसी भी कर्मचारी पर अनुशासनहीनता या पद के दुरुपयोग का आरोप लगना विभाग की साख पर सीधा असर डालता है। इस घटना के बाद जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आमजन की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या विभाग अपने दावों के अनुरूप सख्त कदम उठाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *